कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का समाजशास्त्रीय विश्लेषण
Keywords:
यौन उत्पीड़न, POSH अधिनियम, कार्यस्थल, लैंगिक असमानता, समाजशास्त्रीय विश्लेषणAbstract
भारत में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एक गंभीर सामाजिक समस्या है जो महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और मानवीय गरिमा को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। यह शोध 2014 से 2021 के बीच कार्यस्थलीय यौन उत्पीड़न की प्रवृत्तियों, कारणों और सामाजिक प्रभावों का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण करता है। शोध में द्वितीयक आँकड़ों का उपयोग किया गया है जिनमें राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB), राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और POSH अधिनियम 2013 के अंतर्गत प्रकाशित वार्षिक रिपोर्टें सम्मिलित हैं। शोध की परिकल्पना यह है कि सामाजिक असमानता, शक्ति संरचना और विधिक जागरूकता का अभाव कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के प्रमुख कारण हैं। परिणाम दर्शाते हैं कि POSH अधिनियम लागू होने के पश्चात् शिकायतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई 2013-14 में 161 से बढ़कर 2019-20 में 961 शिकायतें दर्ज हुईं। IT और BFSI क्षेत्र में सर्वाधिक मामले पाए गए। COVID-19 महामारी के दौरान 2020-21 में शिकायतें घटकर 586 हो गईं। यह शोध नीति-निर्माताओं और संगठनों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत करता है।


