डिजिटल समाज में पहचान, लैंगिकता और सत्ता का विमर्श

Authors

  • सर्वेश कुमार श्रीवास्तव शोधार्थी, राजनीति विज्ञान विभाग कला संकाय, पी.के. विश्वविद्यालय, शिवपुरी (मध्य प्रदेश) Author
  • डॉ. जितेंद्र कुमार नायक पर्यवेक्षक, राजनीति विज्ञान विभाग कला संकाय, पी.के. विश्वविद्यालय, शिवपुरी (मध्य प्रदेश) Author

Keywords:

डिजिटल पहचान, लैंगिकता, सत्ता संरचना, साइबर स्पेस, महिला सशक्तिकरण

Abstract

डिजिटल युग ने भारतीय समाज में पहचान, लैंगिकता और सत्ता के पारंपरिक समीकरणों को नए सिरे से परिभाषित किया है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने लैंगिक पहचान की अभिव्यक्ति के लिए नए स्थान उपलब्ध कराए हैं, साथ ही सत्ता संरचनाओं को चुनौती देने के नए माध्यम भी प्रस्तुत किए हैं। यह शोध पत्र डिजिटल समाज में लैंगिक पहचान के निर्माण, यौनिकता की अभिव्यक्ति और सत्ता संबंधों के विश्लेषण पर केंद्रित है। अध्ययन में यह पाया गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने महिलाओं और हाशिए के समुदायों को अपनी आवाज उठाने का अवसर दिया है, परंतु साइबर सुरक्षा, डिजिटल विभाजन और ऑनलाइन भेदभाव जैसी चुनौतियां भी उभरी हैं। शोध में मिश्रित शोध पद्धति का उपयोग करते हुए 500 प्रतिभागियों से प्राथमिक डेटा एकत्रित किया गया। परिणाम दर्शाते हैं कि डिजिटल स्पेस में लैंगिक असमानताएं निरंतर बनी हुई हैं, जबकि सशक्तिकरण की संभावनाएं भी विद्यमान हैं।

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Published

2024-12-27

Issue

Section

Articles

How to Cite

डिजिटल समाज में पहचान, लैंगिकता और सत्ता का विमर्श. (2024). Global Journal of Sociology and Anthropology, 13(1), 1-9. https://www.ijpp.org/journal/index.php/GJSA/article/view/440