मैत्रेयी पुष्पा और ममता कालिया के कथा साहित्य में नारी दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन

Authors

  • शेख शफी अहमद शोधार्थी, हिंदी विभाग, आईएसबीएम विश्वविद्यालय Author
  • डॉ.ममता पांडे अनुसंधान पर्यवेक्षक, हिंदी विभाग, आईएसबीएम विश्वविद्यालय Author

Keywords:

नारी दृष्टिकोण, मैत्रेयी पुष्पा, ममता कालिया, तुलनात्मक अध्ययन, नारीवादी साहित्य

Abstract

प्रस्तुत शोध पत्र मैत्रेयी पुष्पा और ममता कालिया के कथा साहित्य में निहित नारी दृष्टिकोण का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। दोनों लेखिकाएं समकालीन हिंदी साहित्य में नारी विमर्श की प्रमुख हस्ताक्षर हैं, किंतु उनके कथा संसार में स्त्री जीवन की अभिव्यक्ति भिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों से उद्भूत होती है। मैत्रेयी पुष्पा का कथा संसार ग्रामीण और निम्न वर्गीय स्त्रियों के संघर्ष, उनकी जैविक आवश्यकताओं और पितृसत्तात्मक व्यवस्था के विरुद्ध विद्रोह को केंद्र में रखता है, जबकि ममता कालिया शहरी मध्यवर्गीय नारी की आंतरिक द्वंद्व, वैवाहिक संबंधों की जटिलताओं और आधुनिकता के दबावों को उजागर करती हैं। यह अध्ययन विउपनिवेशीकरण और नारीवादी सिद्धांतों के परिप्रेक्ष्य में दोनों रचनाकारों के कथा साहित्य का विश्लेषण करता है। शोध में पाया गया कि मैत्रेयी पुष्पा की रचनाओं में देहवादी और प्रतिरोधी स्वर अधिक प्रबल है, जो परंपरागत नैतिकता को चुनौती देता है, जबकि ममता कालिया की कथाओं में मनोवैज्ञानिक यथार्थवाद और आत्मान्वेषण की प्रवृत्ति अधिक दिखाई देती है। दोनों लेखिकाओं की रचनाएं भारतीय नारीवाद के बहुस्तरीय स्वरूप को प्रकट करती हैं और यह स्थापित करती हैं कि नारी मुक्ति का कोई एकल आख्यान नहीं है।

Downloads

Published

2023-10-25

Issue

Section

Articles

How to Cite

मैत्रेयी पुष्पा और ममता कालिया के कथा साहित्य में नारी दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन. (2023). Global Journal of Sociology and Anthropology, 12(1), 1-5. https://www.ijpp.org/journal/index.php/GJSA/article/view/437